वज्रासन करने का तरीका और फायदे

Share :
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

वज्रासन घुटनों को मोड़ने के बाद पैरों पर बैठकर किया जाने वाला आसन है। यह संस्कृत के शब्द

‘वज्र’ से बना है, जिसका अर्थ है आकाश में गरजने वाली बिजली। इसे डायमंड पोज भी कहते हैं।

इस योगासन में बैठकर प्राणायाम, कपालभाति व अनुलोम-विलोम किया जा सकता है। इसमें कोई

दो राय नहीं कि वज्रासन शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बेहतरीन योग है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में

हम वज्रासन करने का तरीका, वज्रासन के फायदे और इससे जुड़े कुछ जरूरी टिप्स के बारे में बात

करेंगे।

vajrasana ke fayde

वज्रासन संस्कृत के दो शब्दों वज्र और आसन से मिलकर बना है। जहां वज्र का मतलब डॉयमंड

होता है जबकि आसन का मतलब मुद्रा होता है। इसलिए वज्रासन का अर्थ योगिक मुद्रा से है जो

शरीर को हीरे के समान मजबूत बनाता है। वज्रासन को डायमंड पोज या थंडरबोल्ट पोज भी कहते

हैं। वज्रासन करने से शरीर निरोगी और मजबूत बनता है। वज्रासन पाचन कार्य को सुधारने में

सहयोग करता है और पैरों को भी मजबूती प्रदान करता है।

वज्रासन करने का तरीका

  1. घुटनों के बल जमीन पर बैठ जाएं। इस दौरान दोनों पैरों के अंगुठों को साथ में मिलाएं और
  2. एड़ियों को अलग रखें।
  3. अब अपने नितंबों को एड़ियों पर टिकाएं।
  4. अब हथेलियां को घुटनों पर रख दें।
  5. इस दौरान अपनी पीठ और सिर को सीधा रखें।
  6. दोनों घुटनों को आपस में मिलाकर रखें।
  7. अब आंखें बंद कर लें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें।
  8. इस अवस्था में आप पांच से 10 मिनट तक बैठने की कोशिश करें।


Also Read : फायदेमंद है चीकू शेक


chit ki shaanti ke liye vajrasana

वज्रासन के फायदे

वज्रासन करना हर व्यक्ति को काफी आसान मालूम पड़ता है लेकिन शुरूआत में यह

बहुत कष्टकारी होता है, इसके लिए नियमित अभ्यास की जरूरत होती है। यह आसन पैरों को

मोड़कर किया जाता है जिससे कि शरीर को कई तरह के फायदे होते हैं। तो आइये आपको बताते

हैं कि वज्रासन करने से शरीर को क्या फायदे होते हैं।

वजन कम करने में

वज्रासन करने यह पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित करता है जिससे मेटाबोलिक रेट

बढ़ने लगता है और इसकी वजह से शरीर में कैलोरी तेजी से नष्ट होती है और व्यक्ति के शरीर का

वजन घटने लगता है।

स्ट्रेस कम करने में

सभी योग मुद्रा एवं आसन की भांति वज्रासन को करने से श्वसन क्रिया बेहतर होती है जिससे कि

तनाव एवं चिंता की समस्या दूर हो जाती है।

विषाक्त पदार्थ दूर करने में

यदि आपके शरीर में जमा विषाक्त पदार्थ बाहर निकलने में कठिनाई होती हो तो वज्रासन करने से

मल-मूत्र में त्यागने में काफी आसानी होती है और शरीर में बीमारियां नहीं लगती हैं।

स्टैमिना बढ़ाने में

वज्रासन स्ट्रेस एवं एनेक्जाइटी के स्तर को कम करता है जिससे की व्यक्ति का मन अधिक प्रसन्न

रहता है और शरीर में टेस्टोस्टेरॉन का स्तर भी सुधरता है। टेस्टोस्टेरॉन का लेवल बढ़ने से व्यक्ति को

एनर्जी मिलती है और स्टैमिना बढ़ता है और जोड़ों की हड्डियां शक्तिशाली बनती हैं।

vajrasana ke camatkaari fayde

सावधानी

1.) अगर आपके घुटनों में कोई समस्या है या हाल ही में घुटने की सर्जरी हुई है, तो यह आसन करने

से बचें।

2.) गर्भवती महिलाएं इस आसन को करते हुए अपने घुटनों में थोड़ा अंतर बनाकर रखें, ताकि पेट

पर दबाव न पड़े।

3.) अगर आपको रीढ़ की हड्डी में किसी तरह की समस्या है, तो इस आसन को करने से बचें।

खासतौर पर, अगर आपके रीढ़ के जोड़ में कोई परेशानी है, तो वज्रासन न करें।

4.) जो लोग हर्निया, आंतों के अल्सर और छोटी बड़ी आंतों में किसी तरह की समस्या से पीड़ित हैं,

तो आप प्रशिक्षक की निगरानी में रहकर ही यह आसन करें।

वज्रासन की शुरुआत करने वाले लोगों के लिए टिप्स

जो लोग पहले बार वज्रासन करते हैं, उन्हें शुरुआत में पैरों में दर्द हो सकता है। अगर ऐसा है, तो

वज्रासन से उठकर पैरों को आगे की ओर ले आएं। फिर टखनों, घुटनों और पिंडलियों पर मालिश

करें। ऐसे में नियमित रूप से अभ्यास करने पर आप कुछ समय में यह आसन 30 मिनट तक कर

पाएंगे।


Also Read : Black day protest by bjp workers



Share :
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *