स्वाइन फ्लू के लक्षण व उपचार

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स्वाइन फ्लू के लक्षण व उपचार

स्वाइन फ्लू के लक्षण व उपचार: स्वाइन फ्लू सूअरों से होने वाला एक रोग है, जो मनुष्यों के लिए

अत्यधिक दुर्लभ है और श्वसन समस्याओं के उत्पन्न होने का कारण बनता है। स्वाइन फ्लू के लक्षणों

में मौसमी फ्लू के समान खांसी, ठंड लगना और सिरदर्द आदि लक्षण शामिल हैं। स्वाइन फ्लू अनेक

प्रकार के इन्फ्लुएंजा ए वायरस में से किसी एक के कारण हो सकता है। स्वाइन

फ्लू की गंभीरता व्यक्तियों के जीवन के लिए खतरा पैदा कर सकती है, और मौत का कारण भी बन

सकती है। अतः प्रत्येक व्यक्ति को स्वाइन फ्लू से सम्बंधित लक्षणों के प्रगट होने पर, तुरंत उपचार

प्राप्त करने के लिए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। 

स्वाइन फ्लू के लक्षण :–

स्वाइन फ्लू के लक्षण

बुखार , सिरदर्द, डायरिया ,खांसी और छींक ,थकान और शरीर में दर्द 

स्वाइन फ्लू से सम्बंधित अन्य लक्षणों में निम्न को शामिल किया जा सकता है, जैसे:

  • उल्टी होना और जी मिचलाना
  • गले में खरास
  • मांसपेशियों और हड्डियों में दर्द महसूस होना
  • जोड़ों का दर्द और अंगों का दर्द
  • भूख में कमी आना
  • हथेलियों और पैर की उंगलियों में बहुत अधिक ठंड लगना, इत्यादि।

स्वाइन फ्लू के गंभीर लक्षण: –

  • सांस लेने में तकलीफ
  • सीने में दर्द या दबाव
  • पेट में दर्द होना
  • सिर चकराना
  • उलझन
  • लगातार उल्टी होना, इत्यादि।

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स्वाइन फ्लू का घरेलू इलाज:-

स्वाइन फ्लू के उपचार

1.लहसुन-

लहसुन में मौजूद एलिसिन , जो कि शरीर में एंटीऑक्सीडेंट गुणों को बढ़ावा देता है, स्वाइन फ्लू के

इलाज में काफी प्रभावी होता है। लहसुन में उपस्थित एंटीऑक्सीडेंट गुण स्वाइन फ्लू से संबन्धित

वायरस के प्रभाव को कम करने तथा शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार करने में मदद करते हैं।

2.तुलसी –

तुलसी को प्राचीन काल से ही एक आवश्यक औषधीय पौधा माना जाता है। यह औषधीय गुणों से

परिपूर्ण पौधा अनेक प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज करने में सहायक होता है। यह गले

और फेफड़ों के संक्रमण तथा सांस की बीमारियों को दूर करने और स्वाइन फ्लू के खिलाफ

प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने का कार्य करता है।

3.जिनसेंग-

हाल ही के अध्ययनों में पाया गया है, कि H1N1 इन्फ्लूएंजा प्रकार के संक्रमण का इलाज करने में

जिनसेंग (Ginseng) और इसका रस बहुत प्रभावी होता है। यह जड़ी बूटी स्वाइन फ्लू की बीमारी

सभी उपभेदों पर सकारात्मक प्रभाव डालती है। अतः विशेषज्ञ द्वारा स्वाइन फ्लू के रोगियों को

प्रतिदिन एक कप जिनसेंग की चाय पीने की सलाह दी जाती है।

4.हल्दी वाला दूध –

हल्दी एंटी-इंफ्लामेटरी गुणों में भरपूर होने के कारण घरेलू उपचार के लिए एक आवश्यक औषधि

है। स्वाइन फ्लू से पीड़ित व्यक्ति को रात में सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध में एक चुटकी हल्दी

डालकर पीना चाहिए। यह घरेलू उपचार स्वाइन फ्लू के संक्रमण से लड़ने में मदद करेगा।

5.गिलोय-

गिलोय का औषधीय नाम टिनोस्पोरा कॉर्डिफोलिया है, यह आसानी से उपलब्ध औषधीय पौधा है।

गिलोय का रस प्रतिरक्षा क्षमता में वृद्धि करने में मदद करता है। गिलोय को स्वाइन फ्लू के घरेलू

उपचार के रूप में उपयोग करने के लिए निम्न विधि का उपयोग किया जा सकता है|


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