स्वर्ण भस्म के फायदे और नुकसान

Share :
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

प्राचीन आयुर्वैदिक दवा में स्वर्ण भस्म का स्थान सबसे पहले आता है। स्वर्ण भस्म, स्वर्ण अर्थात

गोल्ड से तैयार होता है। स्वर्ण भस्म का उपयोग कई तरह के संक्रमण, ह्रदय रोग, दमा, मानसिक

रोग, ज्वर सहित खांसी, टीबी, एनीमिया, मांसपेशियों में कमजोरी, पुरुषों की कमजोरी, फेफड़ों के

संक्रमण, बांझपन आदि के लिए किया जाता है।

स्‍वर्ण भस्‍म का उपयोग विभिन्‍न प्रकार की स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं को दूर करने के लिए उपयोग किया

जाता है। इसी तरह से स्‍वर्ण भस्‍म को शुद्ध सोने से तैयार किया जाता है जो हृदय स्‍वास्‍थ्‍य के लिए,

बांझपन को दूर करने के लिए, रक्‍त को शुद्ध करने के लिए, मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए, कैंसर

उपचार, यौन स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा देनेऔर त्‍वचा समस्‍याओं आदि को ठीक करने के लिए उपयोग

किया जाता है। इस लेख में हम स्‍वर्ण भस्‍म के फायदे और नुकसान के बारे में विस्‍तार से जानेगें।

swarna bhasma ke chamatkaari fayde

स्‍वर्ण भस्‍म क्‍या है

मोनाटोमिक गोल्‍ड जिसे हम और आप स्‍वर्ण भस्‍म के नाम से जानते हैं। इसे अन्‍य नाम जैसे गोल्‍ड

भस्‍म और स्‍वर्णा भस्म आदि नामों से भी जाना जाता है। यह एक आयुर्वेदिक दवा है जो शरीर की

प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने और बहुत सी बीमारियों के उपचार के लिए उपयोग की जाती है।

विभिन्‍न प्रकार की जड़ी-बूटीयों के लिए स्‍वर्ण भस्‍म सहायक औषधी का भी काम करती है। आयुर्वेद

में इसे तंत्रिका टॉनिक के रूप में उपयोग किया जाता है जो समग्र स्‍वास्‍थ्‍य में सुधार करता है।

स्‍वर्ण भस्‍म बनाने की विधि

यह शुद्ध सोने से तैयार किया जाता है। स्‍वर्ण भस्‍म बनाने की बहुत सी विधियां हैं। लेकिन आमतौर

पर इसे घर पर बनाना बहुत ही मुश्किल है। फिर भी हम आपको स्‍वर्ण भस्म बनाने की विधि की

जानकारी दे रहे हैं।

एक शुद्ध स्‍वर्ण पत्र लें और इसे नींबू के रस में डुबोकर रखें। नींबू के रस में डालने से पहले स्‍वर्ण पत्र

में  रससिंधुरा का पेस्‍ट लगाएं। इस मिश्रण को एक हवा बंद कंटेनर में

रखा जाता है। इसके बाद इस कंटेनर को 400 से 500 डिग्री सेंटी ग्रेट के तापमान वाले हवा बंद

स्‍थान में 4 से 5 घंटों के लिए रखा जाता है। ऐसा करने से आपको शुद्ध और चिकित्‍सकीय उपयोग

के‍ लिए स्‍वर्ण भस्‍म प्राप्‍त हो सकती है।

swarana bhasma ke gathiya mai laabh

स्वर्ण भस्म का उपयोग

ह्रदय टॉनिक

स्वर्ण भस्म एक उत्कृष्ट ह्रदय टॉनिक है, जो आपकी दिल की कमजोरी को दूर करके दिल की

क्षमता हो बढ़ावा देता है। यह आपके ह्रदय और ह्रदय की मांसपेशियों को शक्ति प्रदान करती है।

यह आपके रक्तचाप को समान्य रखने में भी मददगार होता है। इसे अतिरिक्त यह खून के विषह्र्ण

और धमनियों की सफाई में सुधार लाता है।

रक्त शुद्धि

शरीर में संक्रमण या अपच के कारण कई तरह के विषाक्त पदार्थ बनने लगते हैं। इन्ही पदार्थों के

कारण हमारे शरीर में कई तरह के रोग उत्पन्न हो जाते हैं। स्वर्ण भस्म का सेवन करने से हमारे

शरीर से यह सारे विषाक्त पदार्थ दूर हो जाते हैं। जिससे हमारा शरीर निरोग हो जाता है। यह वात

पित और कफ को दूर करने में भी सहायक होती है।


Also Read : पीरियड्स के दर्द में आराम दिलाएं ये घरेलू उपाय


मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए


मस्तिष्‍क स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख रूप से स्‍वर्ण भस्‍म का उपयोग किया जाता है। स्‍वर्ण

भस्‍म युक्‍त दवा स्‍मृति, एकाग्रता, समन्‍वय और मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य में सुधार करती है। स्‍वर्ण भस्‍म

को अवसाद, मस्तिष्‍क की सूजन और मधुमेह के कारण न्‍यूरोपैथी जैसी स्थितियों के विरुद्ध भी

उपयोग किया जाता है। स्‍वर्ण भस्‍म प्रभावी रूप से आंशिक और पूर्ण इलाज करने में मदद करती

है। यदि आप किसी मानसिक समस्‍या से परेशान हैं तो किसी स्‍वास्‍थ्‍य सलाहकार की सलाह के बाद

स्‍वर्ण भस्‍म का सेवन कर सकते हैं।

swarna bhasma ke fayde

आंखों के लिए


जिन लोगों को आंख से संबंधित समस्‍याएं होती हैं उनके लिए स्‍वर्ण भस्‍म बहुत ही फायदेमंद हो

सकता है। स्‍वर्ण भस्‍म का उपयोग कर विभिन्‍न प्रकार की दवाएं बनाई जाती हैं जो कि आंखों की

समस्‍याओं को प्रभावी रूप से दूर कर सकती हैं। इस प्रकार की दवाओं का उपयोग आंख आना,

और इससे जुड़े अन्‍य लक्षणों के लिए किया जाता है। इन लक्षणों में शामिल हैं आंख का लाल होना,

आंखों में खुजली और जलन होना आदि इस प्रकार की आंखों से संबंधित सभी समस्‍याओं के लिए

स्‍वर्ण भस्‍म एक प्रभावी उपचार के रूप में उपयोग किया जा सकता है।

स्वर्ण भस्म –  सावधानियां

चूंकि सोना एक धातु है इसलिए बहुत ही सावधानी के साथ इसका सेवन किया जाना चाहिए।

अधिक मात्रा में इसका सेवन करने पर कई प्रकार की स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं हो सकती है। आइए जाने

स्‍वर्ण भस्‍म से हमें किसा प्रकार के नुकसान हो सकते हैं।

  • अधिक मात्रा में इसका सेवन करने पर पेट से संबंधित समस्‍याएं हो सकती हैं। इस प्रकार की समस्‍याओं में पेट का दर्द, आंतों की सूजन, पेट की ऐंठन, शारीरिक कमजोरी और थकान आदि शामिल हैं।
  • यौन स्‍वास्‍थ्‍य के लिए स्‍वर्ण भस्‍म बहुत ही फायदेमंद होती है। लेकिन यदि अधिक मात्रा में इसका सेवन किया जाए तो यह पुरुषों में नपुंसकता का भी कारण बन सकता है।
  • इस औषधी का उपभोग लंबे समय तक नहीं किया जाना चाहिए। स्‍वर्ण भस्‍म की अनुशंसित अवधि 9 माह है। जो कि विशेष और जटिल स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं के लिए है। इससे अधिक समय तक सेवन करने पर यह हानिकारक हो सकता है।
  • इसे बच्‍चों की पहुंच से दूर रखा जाना चाहिए। क्‍योंकि कि गलत तरीके से उपयोग करने पर यह उनकी आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है।


Also Read : PM Modi visits Sri Lanka after Easter Sunday bombings




Share :
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *