सिंहासन योग – तरीका, फायदे और सावधानियां

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सिंहासन योग एक संस्कृत भाषा का शब्द है, जो दो शब्दों से मिलकर बना है, जिसमें पहला शब्द

“सिंह” जिसका अर्थ “शेर” है और दूसरा शब्द “आसन” जिसका अर्थ “मुद्रा” होता है। इस आसन

का नाम सिंहासन इसलिए रखा गया है, क्योंकि इस यो को करने पर आपकी स्थिति एक जंगल में

घूमते हुए शेर के समान दिखाई देती हैं। 

यह चेहरे में रक्त को प्रसारित करने में मदद करता है, और पैरों की ऐंठन और झुर्रियों को भी कम

करता है। वास्तव में इस मुद्रा को सभी सरलतम अभ्यासों में एक माना जाता है। यह एक मजेदार

आसन है जो आपको पुनर्जीवित और खुश रखता है। आइये सिंहासन योग को करने की विधि को

विस्तार से जानते हैं।

सिंहासन योग

सिंहासन – तरीका

1.) सिंहासन योग करने के लिए आप फर्श पर एक योगा मैट को बिछा के उस पर दण्डासन की

मुद्रा में यानी दोनों पैरों को सामने की ओर फैला के बैठ जाएं।

2.) अब अपने दाएं पैर को मोड़ें और उसे बाएं पैर की जांघ पर रख लें और बाएं पैर को मोड़ें और

उसे दाएं पैर की जांघ पर रख लें।

3.) इस आसन को करने के लिए आप पद्मासन की मुद्रा में भी बैठ सकते हैं।

4.) अब आगे की ओर झुक जाएं और दोनों घुटनों के बल होते हुए अपने हाथों को नीचे फर्श पर रख

लें।

5.) दोनों हाथों को सीधा रखे हुए अपने शरीर के ऊपर के हिस्से को आगे की ओर खींचे।

6.) अपने मुँह को खोलें और अपने जीभ को मुँह से बाहर की ओर निकालें।

7.) नाक से साँस लें और आँखों को खुला रखें।

8.) इस स्थिति में आप एक शेर के समान मुद्रा में दिखाई देंगें।

9.) इस आसन को आप इसे 20 से 30 सेकंड के लिए 4 से 6 बार दोहराहएं।

10.) अंत में अपने अपने पैरों को शिधा करके अपनी प्रारंभिक स्थिति में आयें।

singhasana karne ka tarika

सिंहासन – फायदे

 आवाज को मधुर बनाने के लिए 

अगर आपको अपनी आवाज को मधुर बनाना हो तो इस आसन का अभ्यास जरूर करें। वाणी से

संबंधित विकारों में यह उपयोगी होता है। अपनी आवाज को मधुर बनाने के लिए गायक एवं

संगीतकार प्रायः इस आसन का अभ्यास करते हैं। अगर कोई हकलाकर बोलता है, तो उसे

सिंहासन करना चाहिए।

चेहरे की खूबसूरती के लिए 

यह योगाभ्यास सामान्यत: सभी पेशियों को और विशेष रूप से चेहरे की पेशियों को तानता है और

साथ ही साथ खून के प्रभाव को बढ़ाता है। और इस तरह से आपकी खूबसूरती को चार चांद लगाता

है। सिंहासन से चेहरे की झुर्रियां दूर होती हैं, तभी इसलिए इसे एंटी ऐजिंग आसन भी कहते हैं।


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तनाव कम करे

सिंहासन योग छाती और चेहरे पर तनाव और स्ट्रेस को कम करने में मदद करता है। इस के

अलावा इसके अन्य लाभ चेहरा, आंखें, जीभ, गला, मुखर राग, उदर, श्वसन तंत्र,

डायाफ्राम, छाती, हाथ, और उंगलियाँ में हैं। यह आसन आंखों को जलन से छुटकारा दिलाता है।

आप भी अपने तनाव से छुटकारा पाने के लिए सिंहासन योग का उपयोग कर सकते हैं।

singhaasana fayde

सिंहासन – सावधानियां

1.) यदि आपके घुटने में चोट है तो आप इस आसन को एक कुर्सी पर बैठकर करें हैं।

2.) यदि आपको इस आसन को करने के लिए पद्मासन में बैठने में कठिनाई होती है तो आप इसे

वज्रासन में भी बैठ के कर सकते हैं।

3.) किसी भी प्रकार के आसन या प्राणायाम करने से पहले एक योग विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।


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