पवनमुक्तासन करने के चमत्कारी लाभ

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पवनमुक्तासन संस्कृत के दो शब्दों पवन और मुक्त से मिलकर बना है, जहां पवन का अर्थ हवा

और मुक्त का अर्थ छोड़ना है। पवनमुक्तासन करने के फायदे और नुक्सान है.

जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, यह आसन पेट के पाचन तंत्र से अनावश्यक गैस को बाहर निकालने में

मदद करता है। इसलिए इसे अंग्रेजी में हवा बाहर निकालने का आसन कहा जाता है।

पवनमुक्तासन एक उत्कृष्ट आसन है जो अच्छे पाचन के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।

pawanmuktaasana ke fayde

पवनमुक्‍तासन अपने नाम के अनुरूप है यानी यह पेट से गैस आदि की समस्‍या को दूर करता है।

जिनको पेट में गैस की समस्‍या होती है उन्‍हें पवनमुक्‍तासन करना चाहिये। इस योग की क्रिया द्वारा

शरीर से दूषित वायु को शरीर से मुक्त किया जाता है। शरीर में स्थित पवन (वायु) यह आसन करने

से मुक्त होता है। पवनमुक्तासन करने के फायदे और नुक्सान है.

कैसे करें पवनमुक्‍तासन

इस आसन को करने के लिए भूमि पर चटाई बिछा कर पीठ के बल लेट जायें। फिर सांस भर

लीजिए। अब किसी भी एक पैर को घुटने से मोडि़ये, दोनों हाथों की अंगुलियों को परस्पर मिलाकर

उसके द्वारा मोड़े हुए घुटनों को पकड़कर पेट के साथ लगा दें। फिर सिर को ऊपर उठाकर मोड़े

हुए घुटनों पर नाक लगाएं। दूसरा पैर जमीन पर सीधा रखें। इस क्रिया के दौरान श्वांस रोककर

कुम्भक चालू रखें। सिर और मोड़ा हुआ पैर भूमि पर पहले की तरह रखने के बाद ही रेचक करें।

दोनों पैरों को बारी-बारी से मोड़कर यह क्रिया करें। दोनों पैर एक साथ मोड़कर भी यह आसन

किया जा सकता है।

pawanmuktaasan kare paachan tantra aacha

पवनमुक्तासन के फायदे

गैस दूर करने में

पवनमुक्तासन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इस आसन को प्रतिदिन करने से पेट के पाचन तंत्र

से अनचाही गैस दूर हो जाती है।


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पेट के लिए फायदेमंद

यह आसन उदर यानी पेट के लिए बहुत ही फायदेमंद है। इस योग से गैसटिक, पेट की खराबी में

लाभ मिलता है। पेट की बढ़ी हुई चर्बी के लिए भी यह बहुत ही फायदेमंद आसन है। कमर दर्द,

साइटिका, हृदय रोग, गठिया में भी यह आसन लाभकारी है। स्त्रियों के लिए गर्भाशय सम्बन्धी रोग में

पावनमुक्तासन काफी फायदेमंद है। इस आसन से मेरूदंड और कमर के नीचे के हिस्से में मौजूद

तनाव दूर होता है।


अर्थराइटिस में फायदे

यह आसन उन लोगों के लिए भी फायदेमंद है जो एसिडिटी, अर्थराइटिस के दर्द एवं हृदय रोगों से

ग्रसित हैं। पवनमुक्तासन पेट की अनचाही चर्बी को कम करने में भी बहुत सहायक होता है।

आंत के लिए फायदेमंद 

पवनमुक्तासन करने से आंत की क्रियाएं अधिक सक्रिय होती है और यह आसन आंत को कई

विकारों से दूर रखने में मदद करता है। इसके अलावा यह आसन करने से लिवर भी सही तरीके से

अपना काम करता है।

pawanmuktaasana kaise kare

कुछ सावधानियां

 जिन लोगों को कमर दर्द की शिकायत हो उन्हें यह आसन नहीं करना चाहिए अगर करना हो तो

कुशल प्रशिक्षक की देख रेख में करना चाहिए। जिनके घुटनों में तकलीफ हो उन्हें स्वस्थ होने के

बाद ही यह योग करना चाहिए। हार्निया से प्रभावित लोगों को भी स्वस्थ होने के बाद ही यह योग

करना चाहिए। स्त्रियों को मासिक के समय यह योग नहीं करना चाहिए। यदि आप पेट के अल्सर से

पीड़ित हैं तो आपको पवनमुक्तासन नहीं करना चाहिए।


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