मधुमेह का आयुर्वेदिक उपचार

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 मधुमेह रोगियों का आंकड़ा आज दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है।

ऐसे में आपको समय से पहले ही अपने खानपान पर ध्यान रखना शुरू कर देना चाहिए।

खासकर उस समय जब आपके माता-पिता या परिवार के किसी सदस्य को मधुमेह की समस्या हो।

आपके साथ भी यदि ऐसा होता है तो कुछ भी खाने के बजाय आप भूख से थोड़ा कम खाएं और हल्का भोजन लेते हुए सलाह को ज्यादा खाएं।

मधुमेह रोगी को बहुत भूख लगती है और बार-बार कुछ न कुछ खाने का मन करता है।

मधुमेह का आयुर्वेदिक उपचार


 मधुमेह के रोगी को तौरी, लौकी, परमल, पालक, पपीता आदि का सेवन अधिक से अधिक मात्रा में करना चाहिए।

जामुन मधुमेह रोगियों के लिए रामबाण है। मधुमेह रोगियों को जामुन को अधिक से अधिक मात्रा में सेवन करना चाहिए।

जामुन की छाल, रस और गूदा सभी मधुमेह के दौरान बेहद फायदेमंद हैं।

करेले का कड़वा रस मधुमेह रोगियों में शुगर की मात्रा कम करता है।

मधुमेह के रोगी को इसका रस रोज पीना चाहिए।

मेंथी दानों का चूर्ण बनाकर प्रतिदिन खाली पेट दो चम्मच चूर्ण पानी के साथ लेना चाहिए। ये मधुमेह रोगियों के लिए बहुत लाभाकरी है।

व्यायाम बिना किसी दवाई के मधुमेह को नियंत्रित करने की क्षमता रखता है।

यह रोग की गंभीरता को कम कर देता है और काफी लंबे समय तक जटिलताओं के जोखिम को कम करता है।

मैडिटेशन करने से कोर्टिसोल , एड्रेनालाईन और नार एड्रेनालाईन के रूप में तनाव हार्मोन इंसुलिन

और ग्लूकोज के स्तर के उत्पादन को तेज करके शुगर लेवल को संतुलित करते हैं।


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