कपालभाति प्रणायाम के कुछ जबरदस्त फायदे

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कपालभाति के फायदे है। कपालभाती आसन एक ऐसा आसन है जिसमें सभी योगासनों का

फायदा मिलता है। इसलिए इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करें और निरोग रहें। योग की हर क्रिया

कारगर होती है, लेकिन बात जब कपालभाती प्राणायाम की होती है तो इसे जीवन की संजीवनी

कहा जाता है। कपालभाती प्राणायाम को सबसे कारगर माना जाता है। कपालभाती प्राणायाम को

हठयोग में शामिल किया गया है। योग के आसनों में यह सबसे कारगर प्राणायाम माना जाता है। यह

तेजी से की जाने वाली एक रोचक प्रक्रिया है। दिमाग आगे के हिस्‍से को कपाल कहते हैं और भाती

का अर्थ ज्योति होता है। 

kapaalbharti yog aasana

कपालभाति – तरीका

1.) अपने पैरों को मोड़कर फर्श पर एकदम सीधे होकर बैठ जाएं। अपनी पीठ को बिल्कुल सीधे

रखें और अपनी आंखें बंद कर लें।

2.) अब अपनी दाएं हाथ की हथेली को दांये घुटने पर और बाएं हाथ की हथेली को बांए घुटने पर

आराम से रखें।

3.) गहरी सांस खींचे और फिर पूरे दबाव के साथ सांसों को छोड़ें। दबाव सिर्फ इतना ही दें कि सांस

छोड़ते समय आपका पेट भी अंदर की तरफ चला जाए।

4.) जब आप सांस छोड़ने लगते हैं तो अपने सांसों की आवाज को सुनते हुए यह सोचें कि आपके

शरीर की सारी बीमारियां नाक के रास्ते बाहर निकल रही हैं।

5.) जब सांस खींच रहे हैं तो इसपर कोई दबाव न दें। सांस खींचने में आपको जोर भी नहीं लगाना

है, बस हर बार सामान्य तरीके से ही सांस लें।

6.) पांच मिनट तक लगातार इस प्रक्रिया को दोहराएं और फिर थोड़ी देर आराम लें। इस प्राणायाम

को आप पंद्रह से तीस मिनट तक भी कर सकते हैं।

7.) कपालभाति प्राणायाम को बहुत तेज गति से न करें। इसे बिल्कुल आराम से करें और बार-बार

करें।


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कपालभाति – फायदे

चिंता दूर करे

यह प्राणायाम नियमित करने से व्यक्ति हर तरह के स्ट्रेस, डिप्रेशन, चिंता एवं मानसिक तनाव से

मुक्त रहता है और उसका मन भी प्रसन्न रहता है। इसके अलावा यह प्राणायाम मन और दिमाग को

शांत रखता है और व्यक्ति में आत्मविश्वास जगाता है।

kapaalbharti karne ki vidhi

शरीर की क्रिया सुधारे

यह प्राणायाम करने से व्यक्ति की पाचन क्रिया सुचारू रूप से काम करती है और यकृत एवं

किडनी भी अपना काम सही तरीके से करने लगती है। इसके अलावा आंत से जुड़ी समस्या भी दूर

हो जाती है।

डार्क सर्कल दूर करे

यदि कोई व्यक्ति नियमित रूप से कपालभाति प्राणायाम करता है तो उसके आंखों में तनाव कम

उत्पन्न होता है जिससे की आंखों के आसपास डार्क सर्कल नहीं पड़ते हैं और यदि यह समस्या होती

भी है तो इस प्राणायाम को करने से दूर हो जाती है।

रक्त के प्रवाह सुधारे

इस प्राणायाम के रोजाना सही तरीके से करने से शरीर में रक्त प्रवाह सही तरीके से होने लगता है

और शरीर के सभी अंग भी अपना कार्य अच्छे से करते हैं।

kapaalbharti karne ke fayde

कपालभाति – सावधानियां

1.) कपालभाती व्‍यायाम सभी आयु वर्ग के लोग कर सकते हैं, लेकिन जिन लोगों को सांस संबंधी

समस्‍या हो उनको चिकित्‍सक की सलाह के बाद ही यह आसन करना चाहिए।

2.) हर्निया, मिर्गी, स्लिप डिस्क, कमर दर्द, हाइपरटेंशन, पेट की सर्जरी के बाद और स्टेंट के

मरीजों कों यह योग नहीं करना चाहिए। इसके अलावा महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान,

गर्भावस्था से पहले और बाद में यह योग नहीं करना चाहिए।


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