हड्ड‍ियों में दर्द के अचूक इलाज

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हड्ड‍ियों में दर्द से जुड़ी समस्या से हर वर्ग के लोग परेशान हैं। जीवनशैली में हो रहे बदलाव इसका

बड़ा कारण हैं। इससे हमारा खान-पान, स्वास्थ्य, दिनचर्या और काम सब प्रभावित होता है। ऐसे में

कई पोषक तत्वों की कमी के कारण इसका असर हमारी हड्डियों पर भी पड़ता है। इसके लिए

डॉक्टर की सलाह तो लें मगर कुछ घरेलू उपाय भी हैं जो इसका समाधान कर सकते हैं। 

क्या आपको कमर में अकड़न, पीठ और जोड़ों में दर्द की शिकायत रहती है, जिसके कारण आप

रात में ठीक से सो नहीं पाते हैं? अगर जोड़ों के दर्द के कारण रात में तीन-चार बजे आपकी नींद

खुल जाती है और आप असहज महसूस करते हैं, तो जल्द डॉक्टर से सलाह लीजिए क्योंकि आपको

स्पांडिलाइटिस की शिकायत हो सकती है. स्पांडिलाइटिस से हृदय, फेफड़े और आंत समेत शरीर

के कई अंग प्रभावित हो सकते हैं.

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हड्ड‍ियों में दर्द – उपाय

लहसुन

इस दर्द से राहत पाने के लिए अपनी डाइट में हर दिन लहसुन को शामिल करें। इसका सेवन करने

से अर्थराइटिस के रोगियों को बहुत फायदा होता है। इसमे मौजूद एंटी बैक्टीरियल, एंटीफंगल, एंटी

बायोटिक और एंटी इंफ्लेमेट्री गुण हड्ड‍ियों में दर्द से निजात दिलाने में मदद करते हैं। एक बात का

खास ख्याल रखें, लहसुन की तासीर गर्म होती है इसलिए गर्मियों के मौसम में रोजाना 1 या 2 कली

से ज्यादा इसका सेवन करने से बचें।


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ठंडी सिकाई, गर्म सिकाई

ठंडी सिकाई:

दर्द में सिकाई से राहत मिलती है। अगर चोट ताजा है, प्रभावित जगह लाल और सूजी हुई है तो बर्फ

से सिकाई करें। 

गर्म सिकाई:

अगर चोट पुरानी है, चोटिल जगह में अकड़न है तो गर्म पानी से सिकाईं करें। वह जगह नरम पड़

जाएगी और आराम मिलेगा। 

गर्म-ठंडी, दोनों सिकाई: अगर किसी जगह पर ब्लड सप्लाई बढ़ाने की जरूरत है तो गर्म और ठंडी

सिकाई बारी-बारी से करने की सलाह दी जाती है। आमतौर पर सुबह उठकर एड़ी में होने वाले दर्द

में यह सिकाई की जाती है। गर्म से शुरू करें और गर्म पर ही खत्म करें। कुल 6 बार गर्म और 5 बार

ठंडा करें। हर बार 30 सेकंड के लिए सिकाई करें। 

कितनी बार, कितनी देर:

सिकाई दिन में दो बार, करीब 15-15 मिनट के लिए करें। 

किससे करें: 

सिकाई वॉटर बॉटल, कपड़ा या सिंपल हॉट जेल पैक से कर सकते हैं। हॉट जेल पैक केमिस्ट के

पास मिल जाएंगे। बिजली से चलनेवाले हॉट पैक न यूज करें। इनसे जल जाने का खतरा है। 

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ब्रोकली

पोषक तत्वों से भरपूर ब्रोकली जोड़ों के दर्द में आराम दिलाने में काफी मददगार है। इसमें

कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, आयरन, विटामिन ए और सी, क्रोमियम पााया जाता है जो हमारे

शरीर को हेल्दी रखने का काम करता है। एक रिसर्च में सामने आया है कि रोजाना ब्रोकली का

सेवन करने से धीरे-धीरे बढ़ रहे गठिया के रोग को काबू किया जा सकता है। 

ऐक्टिव रहें, एक्सरसाइज करें

1.) हमारा शरीर इस तरह से बना है कि सारे जोड़ चलते रहें। जरूरी है कि हम नियमित

एक्सरसाइज करें और जितना मुमकिन हो, चलें। एक्सरसाइज में कार्डियोवस्क्युलर, स्ट्रेंथनिंग और

स्ट्रेचिंग को मिलाकर करें। कार्डियो के लिए साइकलिंग, स्वीमिंग या डांस, स्ट्रेंथनिंग के लिए वेट

लिफ्टिंग और स्ट्रेचिंग के लिए योग करें। वैसे, वॉक अपनेआप में संपूर्ण एक्सरसाइज है। 

4.) अगर घुटने की समस्या नहीं है तो ब्रिस्क वॉक करें। ब्रिस्क वॉक में मोटेतौर पर 1 मिनट में 40-

50 कदम चलते हैं। वैसे नॉर्मल वॉक (1 मिनट में लगभग 80 कदम) करना सबसे सेफ है। इससे

घुटनों पर असर नहीं पड़ता। रोजाना कम-से-कम 3 किमी जरूर चलें। 

3.) बीच-बीच में कलाइयों, घुटनों आदि को स्ट्रेच करते रहें। कमर को भी घुमाएं। साथ ही, जितना

मुमकिन हो, अपना काम खुद करें और वजन कंट्रोल में रखें। 

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जब लेटें बेड पर

 1.) बेड पर आधे लेटकर टीवी न देखें। सही तरीके से बैठें या थक गए हैं तो पूरा लेटकर टीवी देखें।

इसी तरह बेड पर लेटकर न पढ़ें बल्कि कुर्सी-मेज पर बैठें। 

2.) 2 इंच से ज्यादा मोटा तकिया लगाकर न सोएं। 

3.) बिस्तर से एक झटके में न उठें। पहले किसी साइड में करवट लें और फिर बैठें। 

हल्दी

हल्दी में करक्यूमिन नामक तत्व होता है, जो बीमारी फैलने वाले बैक्टीरिया को खत्म करने का काम

करता है इसलिए गठिया के दर्द के मरीजों को इसका सेवन जरूर करना चाहिए। ऐसा करने से

गठिया के दर्द में काफी राहत मिलती है। 


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