गुड़मार के फायदे और नुकसान

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गुड़मार के फायदे और नुकसान

गुड़मार के फायदे और नुकसान: औषधीय उद्देश्‍य के लिए गुड़मार पेड़ की पत्तियों का उपयोग

किया जाता है। इसकी ताजा पत्तियों को चबाने से कुछ समय के लिए आस्‍थाई रूप से आपको मीठे

स्‍वाद का अनुभव नहीं होता है। यह प्रभाव पत्तियों में मौजूद सक्रिय तत्‍वों के सीधे संपर्क के कारण

होता है। इस जड़ी बूटी को मधुनाशिनी या गुरमार या गुद्रा के रूप में जाना जाता है, इन सभी शब्‍दों

का शाब्दिक अर्थ यह है कि यह चीनी को नष्‍ट कर देता है। शुगर के अतिरिक्त इस जड़ी बूटी का

उपयोग अन्‍य बीमारियों के उपचार में भी किया जाता है।

गुड़मार के फायदे और नुकसान

गुड़मार के फायदे बहुत अधिक होते हैं क्‍योंकि यह एक आयुर्वेदिक औषधीय पेड़ है। जिसका

उपयोग शदियों से मधुमेह के उपचार के लिए आयुर्वेद में बड़ी मात्रा में किया जाता है। यह जड़ी

बूटी उष्‍णकटिबंधीय जंगलों में पाई जाती है। जिमनामा सिल्‍वेस्‍टर या गुड़मार का उपयोग मूत्र संबंधी

परेशानियों , मोटापा, चयापचय, खांसी, सांस लेने की समस्‍या, आंखों की समस्‍या, अल्‍सर, पेट दर्द

जैसी कई बीमारीयों को दूर करने के लिए किया जाता है।


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गुड़मार के फायदे और नुकसान:-

1.शुगर का देसी इलाज है गुड़मार :

गुड़मार में हाइपोग्‍लइसेमिक क्रिया होती है जिसका मतलब यह है कि यह मानव शरीर में रक्‍त

शर्करा के स्‍तर को कम करने में मदद करता है। जिन लोगों को मधुमेह की समस्‍या होती है उन

लोगों के लिए गुड़मार बहुत ही उपयोगी होता है। गुड़मार आपके रक्‍त प्रवाह में लिपिड की मात्रा

को भी कम करने में मदद करता है।

2.गुड़मार के फायदे गठिया के लिए:

गठिया रोग के प्रारंभिक स्‍तर में यदि गुड़मार का उपयोग किया जाता है तो यह गठिया रोग को

विकसित होने से पहले ही रोक देता है। इसमें एंटी-इंफ्लामैट्री गुण होते हैं जो गठिया के उपचार में

मदद करता है। यह पानी के प्रतिधारण में भी मदद कर सकता है क्‍योंकि यह एक अच्‍छा मूत्रवर्धक

होता है।

गुड़मार के फायदे और नुकसान

3.त्‍वचा के लिए गुड़मार के फायदे:

एंटीबैक्‍टीरियल (Antibacterial) गुणों की अच्‍छी मात्रा गुड़मार की पत्तियों में पाई जाती है जिनका उपयोग त्‍वचा विकारों और संक्रमणों के इलाज में किया जाता है। यह त्‍वचा में ल्‍यूकोडरर्मा के लिए प्राकृतिक उपचार के रूप में जाना जाता है। गुड़मार पौधे का उपयोग अक्‍सर त्‍वचा सौंदर्य प्रसाधनों में किया जाता है।

4.लीवर के लिए गुरमार :

यकृत पेट के दाहिने ओर होता है जो एक बड़ा मांसल अंग है। यह लगभग 3 पाउंड वजन का होता

है और यह लाल या भूरे रंग का होता है जिसे स्‍पर्श करने पर यह रबर की तरह महसूस हो सकता

है। लेकिंन आप इसे छू नहीं सकते क्‍योंकि यह आपके शरीर के अंदर प‍सलियों के बीच होता है।

5.गुड़मार के फायदे वजन कम करने में:

गुड़मार का उपयोग कर बढ़े हुए वजन को कम किया जा सकता है। 


यदि आपको लगता है कि आपका वजन (weight) बढ़ रहा है तो आप इसे नियंत्रित करने के

गुड़मार का उपयोग कर सकते हैं।

गुड़मार के नुकसान:-

  • जिन लोगों को दूध से एलर्जी होती है उन लोगों में गुड़मार का सेवन करने से प्रतिक्रिया (reactions) हो सकती है।
  • गर्भवती या स्‍तनपान (pregnant or lactating) कराने वाली महिलाओं और छोटे बच्‍चों के लिए इसे सुरक्षित नहीं माना जाता है। इसलिए इन्‍हें गुडमार का सेवन करने से बचना चाहिए।
  • वे लोग जो एंटी- हाइपरग्‍लेसेमिक दवाएं या मधुमेह के लिए अन्‍य दवाएं ले रहे हैं उन्‍हें इस जड़ी बूटी का उपयोग करने से बचना चाहिए।
  • अधिक मात्रा में गुड़मार का सेवन करने से यह आपके शरीर में कम रक्‍त शर्करा का कारण बन सकता है।

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