च्यवनप्राश के 5 फायदे, उपयोग और नुकसान

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सर्दियां आते ही हर कोई सर्दी-खांसी से बचने के उपाय में लग जाता है। कुछ लोग इसके लिए घरेलू

उपाय अपनाते हैं, ताकि ठंड से बच सकें। इन्हीं उपायों में से एक है च्यवनप्राश। शायद ही कोई

होगा जिसे च्यवनप्राश के बारे में न पता हो। सर्दियों के समय च्यवनप्राश इम्युनिटी को बढ़ाने में

मददगार साबित होता है। कई आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से बनी इस औषधि का सेवन बच्चों से लेकर

बूढ़े तक करते हैं। बाजार में सर्दी और गर्मी के मौसम के लिए अलग-अलग च्यवनप्राश उपलब्ध हैं। 

chyavanpras ke faayde

च्यवनप्राश क्या है?

यह जानना ज़रूरी है कि च्यवनप्राश क्या है और कैसा होता है? च्यवनप्राश कई प्राकृतिक जड़ी-

बूटियों से बनता है और इसका मुख्य घटक आंवला होता है। आंवले में विटामिन-सी होता है, जो कई

बीमारियों से लड़ने में मददगार साबित हो सकता है। च्यवनप्राश स्वाद में खट्टा-मीठा और हल्का

तीखा लगता है।

च्यवनप्राश में औषधीय महत्व वाली लगभग 36 तरह की जड़ी-बूटियां होती हैं। केशर, नागकेशर,

पिप्पली, छोटी इलायची, दालचीनी, बन्सलोचन, शहद और तेजपत्ता, पाटला, अरणी, गंभारी, विल्व

और श्योनक की छाल, नागमोथा, पुष्करमूल, कमल गट्टा, सफेद मूसली सहित कई वनस्पतियां

मिलाकर च्यवनप्राश तैयार किया जाता है।


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च्यवनप्राश का सेवन कैसे करें

 च्यवनप्राश के सेवन की मात्रा प्रत्येक व्यक्ति के लिए भिन्न-भिन्न होती है। च्यवनप्राश का लंबे समय

तक सेवन करने से यह शरीर की इम्युनिटी को सुधारता है और शरीर को निरोगी बनाता है।

  • च्यवनप्राश बनाने वाली कुछ कंपनियां इसका सेवन दूध के साथ करने की सलाह देती हैं। लेकिन च्यवनप्राश बिना दूध के सुबह खाली पेट भी खाया जा सकता है। इसके अलावा च्यवनप्राश को गुनगुने पानी के साथ भी खाया जा सकता है।
  • गर्भवती महिलाओं को एक चम्मच सुबह और एक चम्मच रात को सोते समय नियमित च्यवनप्राश का सेवन करना चाहिए।
  • एक से पांच वर्ष तक के बच्चों को ढाई ग्राम या आधा चम्मच च्यवनप्राश का सेवन करना चाहिए।
  • छह से बाहर वर्ष तक के बच्चों को पांच ग्राम या एक चम्मच च्यवनप्राश खाना चाहिए।

sardiyon mai chyavanprass ke ayurvedic laabh

च्यवनप्राश के फायदे

पाचन शक्ति के लिए च्यवनप्राश

आजकल की बदलती दिनचर्या के वजह से लोगों का ठीक ढंग से खाना-पीना नहीं हो पाता है। सही

वक्त पर खाना न खाना या ज्यादा तैलीय चीजें खाने से पेट की हालत बिगड़ने लगती है। नतीजा

पाचन तंत्र में समस्याएं आने लगती है और कभी-कभी तो बदलते मौसम के कारण भी पाचन शक्ति

कमजोर हो जाती है। 

च्यवनप्राश इन्हीं आयुर्वेदिक उपायों में से एक है। अगर आप नियमित रूप से च्यवनप्राश खाते हैं,

तो च्यवनप्राश के फायदे कई हैं, इससे आपकी कमजोर पाचन शक्ति में सुधार आ सकता है।

इसमें मौजूद आंवला और दालचीनी पेट फूलने या पेट से संबंधित अन्य बीमारियों जैसे – कब्ज से

राहत दिला सकता है।

सांस संबंधी परेशानियों में च्यवनप्राश

बदलते मौसम की वजह से या धूल-मिट्टी और प्रदूषण के कारण कई लोगों को सांस संबंधी

परेशानियां होने लगती है। ऐसे में च्यवनप्राश का नियमित रूप से सेवन किया जाए, तो फेफड़ों की

परेशानी और श्वसन प्रणाली में काफी हद तक सुधार आ सकता है।

मौसमी संक्रमण से बचने में

सर्दियां शुरू होते ही मौसम में नमी बढ़ जाती है और लगातार मौसम में परिवर्तन होता रहता है।

ऐसे में मौसम में नमी के कारण हवा में नए तरह के बैक्टीरिया पैदा होते रहते हैं। इस कारण से लोग

बहुत जल्दी ही संक्रमण के चपेट में आ जाते हैं और संक्रमण के कारण व्यक्ति को बुखार की भी

समस्या होने लगती है। इस परिस्थिति में च्यवनप्राश हमारे शरीर को फंगल एवं बैक्टीरियल संक्रमण

से लड़ने के लिए मजबूत बनाता है। इसलिए जाड़े के दिनों में ज्यादातर लोग च्यवनप्राश का सेवन

बैक्टीरियल इंफेक्शन से बचने के लिए करते है।

chyavanprass ke hairaan kar dene vale laabh1

ब्लड को प्यूरीफाई करने में

ऐसे लोग जो काम का ज्यादा दबाव लेते हैं और काम को निपटाने के चक्कर में भरपूर नींद नहीं ले

पाते या संतुलित भोजन की जगह जंक फूड खाकर पेट भर लेते हैं, ऐसे व्यक्तियों के  शरीर में

पर्याप्त विषाक्त जम जाता है। शरीर में इन हानिकारक पदार्थों के जमा हो जाने से व्यक्ति का शरीर

धीरे-धीरे बीमारियों की चपेट में आने लगता है। इसकी वजह से शरीर के खून की प्राकृतिक तरीके

से सफाई होने में भी बाधा उत्पन्न होती है। ऐसी स्थिति में रोजाना च्यवनप्राश खाने से सही तरीके से

ब्लड प्यूरीफाई हो जाता है और शरीर में जमा हानिकारक पदार्थों की वजह से उत्पन्न बीमारियों से

भी लड़ने के लिए हमारा शरीर सशक्त हो जाता है।

कोलेस्ट्रॉल को संतुलित करता है

सही आहार न लेने से, बढ़ते वज़न के कारण और नियमित रूप से शारीरिक श्रम न करने के

कारण शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने लगता है, जो आगे चलकर कई बीमारियों को न्योता देता है।

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से दिल के दौरे और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। अगर च्यवनप्राश का

सेवन किया जाए, तो खून में कोलेस्ट्रॉल कम हो सकता है । च्यवनप्राश खाने से ब्लड प्रेशर भी

संतुलित हो सकता है।

च्यवनप्राश के नुकसान

 च्यवनप्राश के कुछ नुकसान भी आपको बता रहे हैं।

  • च्यवनप्राश ज्यादा खाने से पेट खराब हो सकता है।
  • च्यवनप्राश की तासीर गर्म होती है, इसलिए गर्मियों में इसके सेवन से पेट में जलन व अपच जैसी अन्य परेशानियां हो सकती है। हालांकि, आजकल गर्मियों के लिए बाजार में अलग च्यवनप्राश मिलता है, फिर भी इसका सेवन आप एक सीमित मात्रा में ही करें।

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