चमकी बुखार के लक्षण और इलाज

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चमकी बुखार के लक्षण और इलाज

चमकी बुखार के लक्षण और इलाज – एक्यूट इन्सेफलाइटिस सिंड्रोम जिसे आम भाषा में चमकी

बुखार के नाम से भी जाना जाता है। इन दिनों भारत के कुछ राज्यों में इस चमकी बुखार का कहर

बरस रहा है और इससे बहुत सारे बच्चों की मौत भी हो चुकी है। जानें चमकी बुखार के लक्षण,

इसके फैलने का कारण, लीची कनेक्शन और बीमारी से बचाव के बारे में सबकुछ। यह एक तरह

का दिमागी बुखार होता है जो ज़्यादातर छोटे बच्चों और युवाओं में देखने को मिलता है। आजकल

सब यही जानना चाह रहे है की आखिर ये चमकी बुखार होता क्या है इसके क्या लक्षण होते है और

यह किस वायरस या बैक्टीरिया के कारण होता है जो छोटे छोटे बच्चों के लिए इतना जानलेवा

साबित हो रहा है।

लिए आज इस लेख में हम जानेंगे की आखिर ये चमकी बुखार यानि एक्यूट

इन्सेफलाइटिस सिंड्रोम क्या है और इसके क्या लक्षण और कारण होते है साथ ही

जानते है इसकी जांच और इलाज के तरीके और इससे बचाव के उपाय के बारे में।


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चमकी बुखार के लक्षण:-

चमकी बुखार (एक्यूट इन्सेफलाइटिस सिंड्रोम) ज्यादातर बच्चों और युवा वयस्कों में पाया जाता है।

यह बुखार व्यक्ति के केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है।

यह समस्या तेज  बुखार के साथ शुरू होती है, फिर मानसिक भटकाव जब्ती , भ्रम प्रलाप और

के कारण न्यूरोलोजिकल कार्यों को बाधित करती है। भारत में इस बीमारी का प्रकोप आमतौर पर

मानसून में (जून-अक्टूबर) के दौरान पाया जाता है। लेकिन भारत के बिहार में अप्रैल-जून के दौरान

इस बीमारी की घटनाओं की सूचना पाई गयी है।

चमकी बुखार के लक्षण

चमकी बुखार आने पर शुरूआती देखभाल-

  • बुखार होने पर नल के पानी का उपयोग न करें
  • मौखिक रूप से कुछ भी नहीं देना है पानी आदि भी नहीं
  • पीड़ित के आसपास वायुमार्ग को खली छोड़ दें और क्लियर हवा आने दें

चमकी बुखार से बचाव :

1.स्वच्छता का अभ्यास करें:

साबुन और पानी से हाथों को अच्छी तरह से धोएं, खासकर शौचालय का उपयोग करने के बाद

और भोजन करने से पहले।

2.बर्तन साझा न करें:

टेबलवेयर और पेय पदार्थों को साझा करने से बचें।

3.टीकाकरण करवाएं

चमकी बुखार के इलाज

समय समय पर अपने और अपने बच्चों का टीकाकरण करवाएं। और जिस जगह यह बीमारी फैली

हो उस जगह यात्रा करने से पहले, अपने डॉक्टर से विभिन्न जगहों के हिसाब से अनुशंसित

(recommended) टीकाकरण के बारे में बात करें।

मच्छरों और टिक के खिलाफ अपने जोखिम को कम करने के लिए यह बचाव कर सकते है-

  • पूरी स्लीव्स के कपड़े पहनें।
  • मच्छर भगाने वाली क्रीम का उपयोग करें। कीटनाशक का उपयोग करें।
  • अपने घर के बाहर पानी को जमा ना होने दें।
  • छोटे बच्चों की सुरक्षा करने के लिए उनकी घुमाने वाली गाड़ी को मच्छरदानी से ढकें।

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