चक्रासन योग विधि, लाभ और सावधानी

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 चक्र का अर्थ होता है पहिया, इस आसन को करने पर शरीर की आकृति चक्र के सामान नजर

आती है इसलिए इस आसन को चक्रासन योग कहा जाता है| धनुरासन के विपरीत होने की वजह

से इसे उर्ध्व धनुरासन भी कहते है| योग शास्त्र में इस आसान को मणिपूरक चक्र कहा जाता है|

चक्रासन को करने से शरीर व् रीड की हड्डी मजबूत और लचीली होती है, साथ साथ अन्य क्रियाओं

में भी सहायक होता है| वास्तव में यह आसान धनुरासन, उल्ट्रासन और भुजंगासन के लाभ एक

साथ पहुंचाता है| इस आसन का प्रतिदिन अभ्यास करने से न्यूरोग्लिया कोशिकाओं का निर्माण

होता है|

chakrasana

चक्रासन योग क्या है ?

चक्रासन योग पीठ के बल लेट कर किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण योगाभ्यास है।  चक्रासन दो

शब्द मिलकर बना है -चक्र का अर्थ पहिया होता है और आसन से मतलब है योग मुद्रा। इस आसन

की अंतिम मुद्रा में शरीर पहिये की आकृति का लगता है इसलिए यह नाम दिया गया है। वैसे तो

चक्रासन के बहुत सारे लाभ है फिर भी अगर आपको अपनी बुढ़ापे को हो रोकना और जवानी को

बरकरार रखना हो तो चक्रासन योग का अभ्यास जरूर करें।  इस योगाभ्यास के बाद धनुरासन

करनी चाहिए ताकि शरीर संतुलन में बना रहे।

चक्रासन योग की विधि

वैसे सब के लिए चक्रासन करना आसान बात नही है। यहां पर आपको बहुत सरल तरीके से इसके

विधि को समझाया जा रहा है जो मददगार साबित होगा इस आसन के प्रैक्टिस करने के समय में।

तरीका

  • सबसे पहले आप पीठ के बल लेट जाएं।
  • घुटने मोड़ें तथा एड़ियों को नितंबों से स्पर्श कराते हुए पैरों को 10 -12 इंच की दूरी पर रखें।
  • बांह उठाएं और कोहनियां मोड़ लें।
  • हथेलियों को कंधों के ऊपर सिर के निकट जमीन पर रख लें।
  • सांस लें तथा धीरे-धीरे धड़ को उठाते हुए पीठ को मोड़ें।
  • धीरे से सिर को लटकता छोड़ दें एवं बांहों तथा पांवों को यथासंभव तान लें।
  • धीरे धीरे सांस लें और धीरे धीरे सांस छोड़े।
  • जब तक संभव हो सके इस मुद्रा   बनाए रखें।
  • उसके बाद शरीर को इस तरह नीचे करते हुए आरंभिक अवस्था में लौटें कि सिर जमीन पर ही टिका रहे। शरीर के शेष भाग को नीचे लाएं तथा विश्राम करें।
  • यह एक चक्र हुआ।
  • इस तरह आप चार से पांच चक्र करें।


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chakrasana yog ke chamatkaari fayde

चक्रासन पेट की चर्बी के लिए : अगर आप पेट की चर्बी से हैं परेशान तो चक्रासन आपके लिए

एक बेहतरीन योगाभ्यास है। इस आसन में इतनी क्षमता है की यह आपके पेट की चर्बी को कम

कराते हुए इसे फ्लैट कर दे। एक सप्तहा के अंदर ही आपको इसके अच्छे नतीजे सामने आने

लगेंगे।

चक्रासन बुढ़ापे को रोकता है: कहा जाता है कि यह आसन करने से वृद्धावस्था देर से आती है

और आपके युवा अवस्था को बरकरार रखती है। आप यह भी कह सकते हैं कि आपके उम्र बढ़ने

की प्रक्रिया को यह योगाभ्यास धीमा कर देता है।

चक्रासन त्वचा की खूबसूरती के लिए: इस आसन में जब आप अपने सिर को नीचे लटकाते है तो

खून का प्रवाह ज़्यदा हो जाता है जो आपके चेहरे के निखार में बहुत मददगार है।

सावधानी

चक्रासन अन्य योग मुद्राओं की तुलना में थोड़ा कठिन है इसलिए आप अपनी क्षमता को ध्यान में

रखते हुए इसे करें। यदि आप इस आसन को नहीं कर पा रहे हैं तो इसे ज़बरदस्ती न करें।

हर्निया रोगी, गर्भवती महिलाएं, हृदय रोगी, नेत्र दोष, जिनका कोई ऑपरेशन हुआ हो, कमर दर्द व

गर्दन दर्द से पीड़ित रोगी व हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग इस आसन को न करें।

chakrasana ke fayde

टिप्स

इस आसन को करते समय किसी भी प्रकार की समस्या होने पर योग विशेषज्ञ या डॉक्टर की

सलाह अवश्य लें।


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