ब्रेन ट्यूमर के लक्षण और कारण

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ब्रेन ट्यूमर के लक्षण और कारण

ब्रेन ट्यूमर के लक्षण और कारण:- आज के समय में ब्रेन ट्यूमर एक बढ़ती हुई गंभीर समस्या है,

जिसकी पहचान और उपचार समय पर किया जाना आवश्यक होता है। लोगों के मन में ये गलत

धारणा होती है, की ब्रेन ट्यूमर का इलाज संभव नहीं है। यदि ब्रेन ट्यूमर का पता उसकी प्रारम्भिक

अवस्था में लगा लिया जाये, तो उसका इलाज संभव है। इस आर्टिकल में आप जानेंगे कि ब्रेन ट्यूमर

क्या है, इसके कारण क्या होते है, ब्रेन ट्यूमर के लक्षण, प्रकार, निदान और उपचार के बारे में।

ब्रेन ट्यूमर के संकेत और लक्षण:-

ब्रेन ट्यूमर के संकेत और लक्षण

ब्रेन ट्यूमर के संकेत और लक्षण अन्य बीमारी के लक्षणों से काफी भिन्न होते हैं। ये लक्षण ब्रेन ट्यूमर

के आकार, जगह और ब्रेन ट्यूमर के बढ़ने की दर पर निर्भर करते हैं। ब्रेन ट्यूमर का पता निम्न

लक्षणों से लगाया जा सकता है।

  • सिरदर्द, ब्रेन ट्यूमर का एक सामान्य लक्षण है।
  • समय के साथ सिरदर्द और अधिक बढ़ जाना
  • चक्कर आना
  • जी मिचलाना या उल्टी होना
  • दृष्टि की समस्याएं, जैसे धुंधला दिखाई देना या डबल दिखाई देना
  • एक हाथ या पैर में सनसनी (झिन्झनी)
  • स्मरण शक्ति में कमी या मानसिक कार्य में बदलाव आना
  • बोलने या समझने में परेशानी
  • प्रतिदिन के मामलों में भ्रम
  • सुनने, स्वाद, या गंध की क्षमता में परिवर्तन आना
  • दौरे  आना
  • व्यक्तित्व या व्यवहार में परिवर्तन
  • निम्न रक्तचाप (low blood pressure) और मोटापा।

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ब्रेन ट्यूमर के कारण:-

ब्रेन ट्यूमर के कारण

मस्तिष्क या इसके आस-पास के ऊतकों जैसे मस्तिष्क को कवर करने वाली झिल्ली

(meninges), क्रैनियल नसों (cranial nerves), पिट्यूटरी ग्रंथि (pituitary gland)

या पाइनल ग्रंथि (pineal gland) से प्राथमिक ब्रेन ट्यूमर का जन्म होता है

सामान्य कोशिकाओं के डीएनए में उत्परिवर्तन (mutations) की क्रिया होती है, जो कोशिकाओं

के विभाजन और वृद्धि करने में सहायक होती है जिससे प्राथमिक ब्रेन ट्यूमर की शुरूआत होती है।

कोशिका विभाजन के कारण असामान्य कोशिकाओं की संख्या में तेजी से वृद्धि होती है, जिससे

ट्यूमर का निर्माण होता है, जो ब्रेन ट्यूमर का प्रमुख कारण है।

सेकेंडरी ब्रेन ट्यूमर अकसर उन लोगों में होते हैं जिन्हें कैंसर की बीमारी होती है। लेकिन सेकेंडरी

ब्रेन ट्यूमर में मेटास्टैटिक (metastatic) ब्रेन ट्यूमर कैंसर का शुरुआती दौर होता है जो आपके

शरीर में कहीं से भी शुरू होकर ब्रेन तक पहुँचता है।

ब्रेन ट्यूमर के खतरे को बढ़ाने वाले कारक:-

आयु – उम्र के साथ अधिकांश प्रकार के ब्रेन ट्यूमर का खतरा बढ़ता जाता है। सेकेंडरी ब्रेन ट्यूमर

अधिकतर 40 बर्ष की उम्र के बाद कैंसर के कारण होता है।

विकिरण का एक्सपोजर – जो लोग हानिकारक विकिरण के संपर्क में आते हैं, उनमें मस्तिष्क

ट्यूमर का खतरा बढ़ जाता है। उच्च विकिरण के संपर्क में आने का कारण मुख्य रूप से कैंसर

उपचार में , परमाणु हमला के दौरान, परमाणु ऊर्जा संयंत्र की घटनाएं, आदि लोगों को हानिकारक

विकिरण से प्रभावित कर सकती है जो आंगे चलकर ब्रेन ट्यूमर का कारण बनती है।

रसायनों के संपर्क में आना – कुछ रसायनों के संपर्क में आने से मस्तिष्क का कैंसर बढ़ता हैं।


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